पहड़ कषतर स पलयन और जमन लकततर क सकट रनखत क पस सथत तलल बधण गव पर एक कस सटड
उत्तराखण्ड राज्य की अवधारणा के पीछे यहाँ की दुर्गम परिस्थितया व संवेदनशील हिमालय की चिंता छिपी है हिमालय की मिट्टी व जल पूरे देश के काम आता है उपभोगतावादी अविवेकपूर्ण विकासवादी दृष्टि कभी हिमालय में टिकाऊ विकास नहीं कर सकी। पहाड़ के गाँव शहर की बराबरी नहीं कर पा रहे हैं पहाड़ के गाँवों को सत्त विकास से वंचित रखा जाना असमानता है शहर के पास सब कुछ सुविधाएंे हैं गाँव इन सुविधाओं से वंचित है। असुविधा ही समस्या की जड़ है। तल्ला बधाण गाँव भी सुविधाओं से वंचित है। सब कुछ चरमरा जाना तय है। पहाड़ से मैदान को ही नहीं वरन पहाड़ के गाँव से पहाड़ से शहर की ओर भी तेजी से पलायन हुआ है।
Authors
- डा0 बीना जोशी
Publication Details
- Journal
- Siddhanta's International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities
- Published
- 2026-10-05
- Primary Topic
- South Asian Studies and Conflicts
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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