कष वपणन परणल म मणड परषद क यगदन ( 2008–2025 उततर परदश क सदरभ म)
भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश इसकी कृषि अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। कृषि उत्पादन के साथ-साथ उसका विपणन (Marketing) भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद (UP Mandi Parishad) ने किसानों को उचित मूल्य, पारदर्शिता तथा बाजार संरचना प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस शोध-पत्र में 2008 से 2025 तक के दौरान मण्डी परिषद के योगदान, विकास, आँकड़ों तथा चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। कृषि विपणन प्रणाली वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कृषि उत्पाद खेत से उपभोक्ता तक पहुँचते हैं। इसमें संग्रहण, परिवहन, भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र का योगदान राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग 25–26% है तथा बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है । मण्डी परिषद की स्थापना उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम, 1964 के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय को विनियमित करना और किसानों को उचित मूल्य दिलाना है ।
Authors
- Nishi Mishra
Institutions
- University of Lucknow (IN)
Publication Details
- Journal
- Iconic Research and Engineering Journals
- Published
- 2026-08-03
- DOI
- https://doi.org/10.64388/irev10i1-1719938
- Primary Topic
- Agricultural Economics and Practices
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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