डजटल इडय क महलओ एव वदधजन पर परभव क वशलषण
प्रस्तुत शोध पत्र 'डिजिटल इंडिया' अभियान के प्रभाव का विश्लेषण करता है, विशेष रूप से समाज के दो महत्वपूर्ण वर्गों-महिलाओं और वृद्धजनों की सामाजिक और डिजिटल मुख्यधारा में भागीदारी के संदर्भ में। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में डिजिटल साक्षरता केवल एक कौशल नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का एक अनिवार्य माध्यम बन गई है। डिजिटल इंडिया ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और वृद्धजनों के सामाजिक एकाकीपन को दूर करने में कितनी सफलता प्राप्त की है। साथ ही, यह शोध उन बाधाओं की पहचान करता है जो इन वर्गों को तकनीक के पूर्ण उपयोग से रोकती हैं। महिलाओं पर प्रभाव और सामाजिक पहुँच डिजिटल इंडिया ने महिलाओं के लिए नए द्वार खोले हैं। आर्थिक सशक्तिकरण ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान (UPI) के माध्यम से ग्रामीण व शहरी महिलाएं अपने छोटे व्यवसायों को वैश्विक मंच प्रदान कर रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य 'ई-संजीवनी' और ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफार्मों ने महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं और ज्ञान तक पहुँच को सुलभ बनाया है, जिससे उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ है। सुरक्षा और जागरूकता विभिन्न सरकारी ऐप्स और सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हुई हैं। सामाजिक जुड़ाव वीडियो कॉलिंग और सोशल मीडिया ने वृद्धजनों के अकेलेपन को कम किया है, जिससे वे अपने परिवार और समाज से निरंतर जुड़े रहते हैं। सरकारी सेवाएँ 'जीवन प्रमाण' (डिजिटल साक्षरता के माध्यम से पेंशन) और ऑनलाइन बैंकिंग ने उनकी शारीरिक निर्भरता को कम किया है। स्वास्थ्य प्रबंधन डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच आसान हुई है।
Authors
- Vishal Gupta (ORCID: https://orcid.org/0000-0003-1470-0481)
- Pro. Gopal Prasad
- Dr. Gyan Chandra Maurya
- VINAY KUMAR YADAV
Institutions
- Université de Mahajanga (MG)
- Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University (IN)
Publication Details
- Journal
- International Journal of Novel Research and Development
- Published
- 2026-02-01
- DOI
- https://doi.org/10.56975/ijnrd.v11i2.312486
- Primary Topic
- Military Technology and Strategies
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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