यवओ क बढत वयवसयक परवजन क करण क समजशसतरय अधययन (रयपर नगर क वशष सदरभ म)

प्रवजन एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में सभी प्रकार के समाजों में पायी जाती है। मनुष्यरुपी सामाजिक प्राणी समय-समय पर अपनी विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक स्थान से दुसरे स्थान में प्रवजन करता रहा है। सामान्यतः यह प्रवजन गांव से गांव, गांव से शहर, शहर से शहर तथा शहर से गांव आदि कई रूपों में देखने को मिलता है। युवाओं द्वारा भी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रवजन किया जाता है वर्तमान में सभी क्षेत्रों की युवाओं द्वारा मुख्य रूप से शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रवजन किया जा रहा है जिसके सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक व कई व्यक्तिगत कारण होते हैं जिनकी पूर्ति हेतु युवाओं द्वारा अपने मूल स्थान को छोड़कर अन्य राज्यों व शहरों में प्रवजन किया जाता है। प्रस्तुत विषय अध्ययन में सामाजिक कारक जैसे सामाजिक प्रतिष्ठा, चलन को बनाए रखने, सामाजिक चलन तथा आर्थिक कारक जैसे- अच्छा पैकेज, किफायती वातावरण, आर्थिक मजबूती साथ ही व्यक्तिगत कारकों में अच्छी जीवनशैली, रोजगार के उचित अवसर, अच्छा करियर और मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ ही विलासितापूर्ण जीवनशैली आदि कारणों की विवेचना की गयी है।

Authors

Institutions

Publication Details

Journal
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Published
2025-01-15
DOI
https://doi.org/10.5281/zenodo.18401185
Primary Topic
Military Technology and Strategies
Type
article
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यवओ क बढत वयवसयक परवजन क करण क समजशसतरय अधययन (रयपर नगर क वशष सदरभ म)

पुष्पांजली, डॉ. प्राची शर्मा
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Military Technology and Strategies
article

यवओ क बढत वयवसयक परवजन क करण क समजशसतरय अधययन (रयपर नगर क वशष सदरभ म)

पुष्पांजली, डॉ. प्राची शर्मा
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Abstract

प्रवजन एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में सभी प्रकार के समाजों में पायी जाती है। मनुष्यरुपी सामाजिक प्राणी समय-समय पर अपनी विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक स्थान से दुसरे स्थान में प्रवजन करता रहा है। सामान्यतः यह प्रवजन गांव से गांव, गांव से शहर, शहर से शहर तथा शहर से गांव आदि कई रूपों में देखने को मिलता है। युवाओं द्वारा भी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रवजन किया जाता है वर्तमान में सभी क्षेत्रों की युवाओं द्वारा मुख्य रूप से शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रवजन किया जा रहा है जिसके सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक व कई व्यक्तिगत कारण होते हैं जिनकी पूर्ति हेतु युवाओं द्वारा अपने मूल स्थान को छोड़कर अन्य राज्यों व शहरों में प्रवजन किया जाता है। प्रस्तुत विषय अध्ययन में सामाजिक कारक जैसे सामाजिक प्रतिष्ठा, चलन को बनाए रखने, सामाजिक चलन तथा आर्थिक कारक जैसे- अच्छा पैकेज, किफायती वातावरण, आर्थिक मजबूती साथ ही व्यक्तिगत कारकों में अच्छी जीवनशैली, रोजगार के उचित अवसर, अच्छा करियर और मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ ही विलासितापूर्ण जीवनशैली आदि कारणों की विवेचना की गयी है।

Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Weatherford College (US)
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