समजकरण क सधन: भवषय क पढ क नरमण
सामाजीकरण को आजन्म की प्रक्रिया कहा जाता है। इसे समाजशास्त्र तथा समाज मनोविज्ञान के विद्वानों ने कई नामों से लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया है। कुछ विद्वान इसे सामाजिक शिक्षण भी कहते है। सामाजशास्त्रियों का मत है कि सामाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके सहारे मनुष्य समुदाय का सदस्य होने के नाते कुछ कार्य करने के लिए शिक्षा प्राप्त करता है तथा उस समुदाय के आदर्शों एवं प्रथाओं के अनुसार अपनी सारी क्रियाओं का सम्पादन भी करता है। परन्तु कुछ लोगों का मत है कि सामाजीकरण केवल समाज के आदर्शों एवं प्रथाओं को सीखने की क्रिया को ही नहीं कहा जाता है बल्कि यह सीखने की वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति को सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में सुविधापूर्वक समायोजित होने में सहायता प्रदान करती है। यह सामाजिक ज्ञान या सामाजिकरण की क्रिया सर्वथा माता-पिता, मित्र, शिक्षक, पड़ोसी सांस्कृतिक- सामाजिक आदर्शों आदि के द्वारा प्रभावित होती रहती है।
Authors
- डॉ सुभाष कुमार सुमन
Institutions
- Meso Scale Discovery (United States) (US)
Publication Details
- Journal
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Published
- 2025-01-15
- DOI
- https://doi.org/10.5281/zenodo.18385930
- Primary Topic
- Military Technology and Strategies
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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