छततसगढ रजय म कशल वकस करयकरम क परभव एक अधययन
वर्तमान समय में छत्तीसगढ ही नहीं बल्कि पूरे देश में बेरोजगारी ज्वलंत मुद्दा है। ऐसे में बेरोजगारी दूर करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम की भूमिका बढ़ जाती है। बढ़ती हुई जनसंख्या में पूर्ण रोजगार की परिकल्पना कर पाना कठिन है, इस परिस्थिति में मानव शक्ति जो कार्यकुशल नहीं है, उसे कार्य कुशल बनाकर रोजगार योग्य बनाना अतिआवश्यक है। छत्तीसगढ कौशल विकास मिशन सोसाईटी का गठन छत्तीसगढ सरकार द्वारा दिनांक 08.08.2013 को किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य है बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना। भारत सरकार द्वारा मेक-इन-इंडिया की सफलता तथा छत्तीसगढ के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु राज्य में कौशल विकास योजना को तेजी से बढ़ाने के लिए सघन रणनीति तैयार की गयी है तथा वर्ष 2025 तक 20 लाख लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ में कौशल विकास कार्यक्रम के संस्थागत सुधार से प्रशिक्षण में विश्वसनीयता आयेगी जिससे कौशल के क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ेगा तथा प्रशिक्षणार्थी भी इसमें भागीदार बनेंगे। इससे कौशल विकास प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा और कुशल श्रमशक्ति की उपलब्धता में इजाफा होने से छत्तीसगढ भारत में कौशल का केन्द्र बिन्दु बन सकेगा।
Authors
- श्री मोहित कुमार साव
- डॉ. (श्रीमती ) कुसुम देवांगन
Institutions
- Al-Azhar University (ID)
- Institute of Physics of the Slovak Academy of Sciences (SK)
Publication Details
- Journal
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Published
- 2025-01-15
- DOI
- https://doi.org/10.5281/zenodo.18385684
- Primary Topic
- Military Technology and Strategies
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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