रहड़ वयवसय क समकष चनतय एव उसक समधन पर एक अधययन
रेहड़ी व्यवसाय हमारे विकासशील देश भारत में असंगठित क्षेत्र में एक अभिन्न घटक है, जिसके द्वारा आज लाखो लोग स्वरोजगार कर अपना जीवन व्यापन कर रहे हैं परन्तु इस व्यवसाय में बहुत सी चुनौतिया भी विद्यमान होती जैसे - आर्थिक अस्थिरता, प्रशासनिक उत्पीड़न, सामाजिक बहिष्कार और शहरीकरण से उत्पन्न संकट। इन चुनौतियों का अध्ययन कर मुख्य चुनौतियों के यथोचित समाधान पर प्रकाश डालना इस शोधपत्र का मुख्य उद्देश्य रहा है, शोध से यह ज्ञात होता कि कम आय, कानूनी मान्यता का अभाव और अपर्याप्त बुनियादी ढाँचा इस पेशे को अनिश्चित बनाता है। प्राथमिक एवं द्वितीयक समंक के आधार पर, यह शोधपत्र अनुशंसा करता है कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के प्रभावी प्रवर्तन, वित्तीय सहायता, वेंडिंग ज़ोन का निर्माण और कौशल संवर्धन सहित नीतिगत परिवर्तन इन मुद्दों को कम करने में मदद कर सकते हैं। मुख्य रूप से वर्तमान शोध में रेहड़ी व्यवसाय में आने वाली प्रशासनिक एवं आर्थिक चुनौतियों का विश्लेष्णात्मक अध्ययन किया गया है इस हेतु प्राथमिक समंक का उपयोग किया गया है एवं 112 न्यादर्स से प्रश्नावली के माध्यम से डेटा संकलन किया गया निष्कर्ष में, यह ज्ञात होता है कि एक समावेशी दृष्टिकोण और सहकारी प्रयास स्ट्रीट वेंडिंग को सुदृढ़ और सुरक्षित कर सकते हैं, जिससे यह शहरी अर्थव्यवस्था में योगदान करना जारी रख सके।
Authors
- Yulendra Kumar Rajput
- Abhishek Agrawal
Publication Details
- Published
- 2025-12-30
- DOI
- https://doi.org/10.52228/jrua.2026-32-1-4
- Primary Topic
- Military Technology and Strategies
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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