भरत सरकर दवर सचलत परधनमतर आवस यजन क वशलषणतमक अधययन (इदर जल क वशष सदरभ म)

यह शोधपत्र भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना‘‘ (पीएमएवाई) के प्रभाव, कार्यान्वयन और लाभार्थी संतुष्टि का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के संदर्भ में। अध्ययन का उद्देश्य आवासहीन और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को प्रदान की गई आवासीय सहायता के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का मूल्यांकन करना है। इस शोध में 132 लाभार्थियों को न्यादर्श के रूप में चुना गया, जिनसे प्रश्नावली और साक्षात्कार के माध्यम से प्राथमिक आंकड़े संकलित किए गए हैं। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि योजना के अंतर्गत 79ः लाभार्थियों को निर्माण हेतु प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जबकि 68ः उत्तरदाताओं ने अपने घर की गुणवत्ता को “संतोषजनक” बताया। विशेष रूप से 54ः आवासों के स्वामित्व में महिलाओं का नाम दर्ज होना, लैंगिक समानता और पारिवारिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इसके अतिरिक्त, 72ः लाभार्थियों ने योजना को अत्यंत उपयोगी बताया, जिससे यह सिद्ध होता है कि इस योजना ने सामाजिक गरिमा और आर्थिक आत्मनिर्भरता दोनों को सुदृढ़ किया है। यद्यपि राशि वितरण में विलंब (43ः), निर्माण सामग्री की महँगाई (37ः) और दस्तावेज़ी जटिलता (32ः) जैसी चुनौतियाँ योजना की दक्षता को प्रभावित करती हैं, फिर भी इसका समग्र प्रभाव अत्यंत सकारात्मक रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल आवास निर्माण को प्रोत्साहन दिया, बल्कि इंदौर जिले में सामाजिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और जीवन स्तर सुधार की दिशा में एक स्थायी परिवर्तन की नींव रखी है।

Institutions

Publication Details

Journal
International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
Published
2025-09-30
DOI
https://doi.org/10.48175/ijarsct-29051
Primary Topic
Military Technology and Strategies
Type
article
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भरत सरकर दवर सचलत परधनमतर आवस यजन क वशलषणतमक अधययन (इदर जल क वशष सदरभ म)

International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
Military Technology and Strategies
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भरत सरकर दवर सचलत परधनमतर आवस यजन क वशलषणतमक अधययन (इदर जल क वशष सदरभ म)

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Abstract

यह शोधपत्र भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना‘‘ (पीएमएवाई) के प्रभाव, कार्यान्वयन और लाभार्थी संतुष्टि का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के संदर्भ में। अध्ययन का उद्देश्य आवासहीन और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को प्रदान की गई आवासीय सहायता के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का मूल्यांकन करना है। इस शोध में 132 लाभार्थियों को न्यादर्श के रूप में चुना गया, जिनसे प्रश्नावली और साक्षात्कार के माध्यम से प्राथमिक आंकड़े संकलित किए गए हैं। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि योजना के अंतर्गत 79ः लाभार्थियों को निर्माण हेतु प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जबकि 68ः उत्तरदाताओं ने अपने घर की गुणवत्ता को “संतोषजनक” बताया। विशेष रूप से 54ः आवासों के स्वामित्व में महिलाओं का नाम दर्ज होना, लैंगिक समानता और पारिवारिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इसके अतिरिक्त, 72ः लाभार्थियों ने योजना को अत्यंत उपयोगी बताया, जिससे यह सिद्ध होता है कि इस योजना ने सामाजिक गरिमा और आर्थिक आत्मनिर्भरता दोनों को सुदृढ़ किया है। यद्यपि राशि वितरण में विलंब (43ः), निर्माण सामग्री की महँगाई (37ः) और दस्तावेज़ी जटिलता (32ः) जैसी चुनौतियाँ योजना की दक्षता को प्रभावित करती हैं, फिर भी इसका समग्र प्रभाव अत्यंत सकारात्मक रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल आवास निर्माण को प्रोत्साहन दिया, बल्कि इंदौर जिले में सामाजिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और जीवन स्तर सुधार की दिशा में एक स्थायी परिवर्तन की नींव रखी है।

International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
Weatherford College (US), Yangon University of Education (MM)
Openalex Percentile: Top 32%
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