भरत-चन सबध क समसमयक वशलषणतमक अधययन
भारत व चीन के बीच लम्बें समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों के बावजूद 1949 में साम्यवादी सरकार की स्थापना के बाद से सम्बन्ध कठिनाईयों से घिरा है। भारत की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक व्यवस्थाओं तथा संस्थाओं की भिन्नता, चीन की साम्राज्यवादी, विस्तारवादी विचारधारा, साम्यवादी व्यवस्थाए व संस्थाऐं माओवादी नीति की प्रेरणाओं से है। चीन एशिया पर एकाधिकार चाहता है। भारत पर उसका आक्रमण न करने का कारण उसकी शान्तिप्रिय नीति नही वरन हिमालय की दुर्गम पर्वतमालाएं हैं। तिब्बत को चीन को सौपने की गलती भारत ने की जिस कारण चीन द्वारा भारत पर आक्रमण आसान हो गया। आर्थिक क्षेत्र में चीन का वर्तमान मे 10वां भागीदार है। BASIC (Brazil, Argentina, S. Africa, India, China) के जलवायु परिर्वतन सम्मेलन (कानकुन), AFRICAN FOURM SUMMIT (26 अक्टूबर 2015), BCIM (Brazil, China, India, Myanmar) गलियारा 1999 जिसे सिल्क रोड भी कहा जाता है। 12 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2015 तक दोनो देशों के बीच 5वां संयुक्त सैन्याभ्यास BDCA (सीमा सुरक्षा सहयोग समझौता) अक्टूबर 2013 आदि दोनो संबंधों की निकटता को उद्घृत करते है जबकि व्यवहार में यह अपवाद है। दक्षिणी चीन सागर पर PCA ( Permanent Court of Arbitration) के फैसले के बाद चीन की भारत को चेतावनी भारत की विदेशो मे तैल अन्वेषण शाखा (ONGC विदेश लि0) की वियतनाम की कम्पनी (Petro Vietnam) के बीच दक्षिण चीन सागर में तेल अन्वेषण संबंधी समझौते करने पर दी गयी चेतावनी जो सीमा विवाद सुलझाने की प्रगति की शर्त बन गई। UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग पर चीन का नकारात्मक दृष्टिकोण तथा जापान की पैरवी छोड़ने की भारत को सलाह, BRICS के 8वें शिखर सम्मेलन में (15-16 अक्टूबर 2016 गोवा में) चीन का आतंकवाद पर पाक को समर्थन, One China Policy के संदर्भ में ताईवान के साथ भारत का परोक्ष सम्बन्ध, चीन की समुद्री सिल्क रूट परियोजना ¼MSR½ जो भारत के विवादाग्रस्त क्षेत्र पी0ओ0के से गुजरती है में भारत को भरोसे पर न लेना, आदि टकराव सम्बन्धी तथ्यों का राजनीतिक विश्लेषण विस्तृत लेख में किया जायेगा। मोदी सरकार के आने के बाद संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ा ? का राजनैतिक विश्लेषण अनुभवात्मक, यथार्थवादी, अन्तर अनुशासनात्मक, व्यवहारवादी दृष्टिकोण के आधार पर किया जायेगा। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी नेताओं से कहा कि -’’दोनों देशों के बीच रिश्तों को रणनीतिक व दीर्घकालिक नजरिये से देखना होग’’ चीन LAC (Line of Actual Control) को स्वीकार नही करता जबकि मोदी सब को स्पष्ट करने की बात करते है। चीन की दोहरी नीति कैसे संबंधों को नजदीक लायेगी चिन्ता का विषय है।
Institutions
- Government Medical College (IN)
Publication Details
- Journal
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Published
- 2025-10-16
- DOI
- https://doi.org/10.5281/zenodo.17364091
- Primary Topic
- South Asian Studies and Conflicts
- Type
- article
- Field-Weighted Citation Impact
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